डिजिटल नकल और भ्रष्टाचार के विरोध में एनएसयूआई का जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री का पुतला दहन

कवर्धा। बिलासपुर में आयोजित पीडब्ल्यूडी सब-इंजीनियर परीक्षा में डिजिटल नकल और व्यापक धांधली के विरोध में एनएसयूआई ने जिला अध्यक्ष शितेश चंद्रवंशी के नेतृत्व में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की शिक्षा-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया।

प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई अध्यक्ष शितेश चंद्रवंशी ने कहा कि बिलासपुर में हुए बहुचर्चित परीक्षा घोटाले ने प्रदेश की समस्त परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा सत्ता में आती है, घोटाले और भ्रष्टाचार चरम पर होते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती रमन सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी शिक्षा मंत्री केदार कश्यप की पत्नी के स्थान पर परीक्षा में कोई और शामिल हुआ था। उन्होंने इसे भाजपा की पुरानी परंपरा बताया, जिसमें शिक्षा व्यवस्था को गिराकर अपने करीबियों को भ्रष्ट तरीके से लाभ पहुंचाया जाता है।
शितेश चंद्रवंशी ने यह भी आरोप लगाया कि कवर्धा जिले में भी शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। एनएसयूआई के लगातार आंदोलनों के बाद भले ही जिला शिक्षा अधिकारी का तबादला किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नए जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा कर भी समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन और भी तेज, व्यापक और निर्णायक होगा।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस कमेटी कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष मणिकांत त्रिपाठी, प्रदेश सचिव यूथ कांग्रेस आकाश केशरवानी, जिला महासचिव राहुल सिन्हा, दामोदर चंद्रवंशी, जलेश्वर यादव, शहर अध्यक्ष हेमंत ठाकुर, शरद बंगाली, मीडिया प्रभारी विकास चंद्रवंशी, अमय बनर्जी, परमेश्वर धृतलहरे, नरेंद्र वर्मा, राहुल चंद्रवंशी, तुकेश कौशिक, राजा यादव, राहुल साहू, विवेक वर्मा, ऋषि राज वर्मा, प्रमोद केशरी, शिवा साहू, प्रांजल यादव और दीपक पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।



